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मैथन डैम

मैथन नामकरण  के पीछे निकट में स्थित माँ कल्याणेश्वरी देवी का प्रभाव माना जाता है। मय + स्थान = मैथान या मैथन। इस स्थान का धार्मिक महत्व तो है ही किन्तु यह प्रकृतिक रूप से और अधिक तब सम्पन्न हुआ जब यहाँ से होकर प्रवाहित बराकर नदी पर १९५८ में बांध बन कर तैयार हो गया। इस बाँध की ऊँचाई ५६ मीटर है तथा लंबाई ४३५७ मीटर है। यहाँ जलविद्यत उत्पादन केंद्र की स्थापना की गयी है जिससे लगभग ७.६ मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। सनद रहे दक्षिण-पूर्व एशिया का यह प्रथम भूमिगत जल विद्धुत केंद्र है।

इस डैम मे बोटिंग की सुविधा पर्यटकों को आकर्षित करती है जिसके कारण यह धनबाद का महत्वपूर्ण  वनभोज स्थल बन गया  है। कल्यानेश्वरी देवी का मंदिर यहाँ से ५ किलोमीटर दूर स्थित है।

यह धनबाद से लगभग ४६ किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ कम दूरी की बसें धनबाद से मैथन के लिए चलती हैं। इसके आलवा हल्के वाहनों या रिजर्व टॅक्सी से जाया जा सकता है।

Tour Location

Named after, Mai-ka-sthan or abode-of-the-mother, from the temple of Kalyaneshwari in its vicinity, it is located 46 kms from Dhanbad. Apart from emerging a prominent religious destination, Maithon is also the site of the country’s first multipurpose project, it came into existence 1958 and has the biggest reservoir of Damodar Valley Corporation (DVC), on River Barakar. Height of the embankment is 56 metres and its length 4357 meteres.

It is also known for its underground hydel power station, the first of its kind in Southeast Asia. You can unwind form your stress even in the midst of the water. A deer park that has come up recently is an added attraction to your trip. There are short distance buses plying from Dhanbad to Maithon. It can also be reached in hired taxis or other light vehicles. The nearest railway station at Kumardhubi is just 10 kms away on the Dhanbad-Howrah rail route.


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