झारखंड के देवघर से लगभग १६ किलोमीटर दूर देवघर-दुमका मार्ग पर खूबसुरत त्रिकुट पहाड़ स्थित है।देवघर का यह सबसे रोमांचक पर्यटन स्थल है। इस पहाड़ पर कई गुफाएँ हैं। यहाँ लोग पुजा अर्चना भी करतें हैं। यहाँ पहाड़ के निचले हिस्से पर बंदरों की कई प्रजातियाँ पायी जाती हैं। बंदरों के अलवा त्रिकूट के जंगलों मे हाथी, खरहा, शाहिल, हिरण व कई वन्य जीव पाये जाते हैं।
त्रिकूट पहाड़ की तीन मुख्य ऊँची चोटियाँ हैं इनके नाम है ब्र्म्हा, विष्णु और महेश इसी लिए इसे त्रिकूट कहा गया है। त्रिकूट पहाड़ के मुख्य शिखर विष्णु चोटी पर गगन खटोला (रोप-वे) के माध्यम से भी जाया जा सकता है। माना जाता है की कुछ समय तक रावण ने भी यहाँ तपस्या की थी। यहाँ प्रसिद्ध त्रिकूटांचल मंदिर भी है।
Almost 18 kms west of Deoghar, is famous for its hill temples. Legend says that many a sage attained salvation on the top of three hills situated here, popularly known as Trikuti.
The hill consists of huge boulders. On the right is a small temple where Parvati is worshiped. Close to her lies a Shivalinga. People flock here from far and wide during Shivaratri. The Trikuti is famous for Ropeway.